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चोट लगने पर बरà¥à¤« से सेंकने पर तà¥à¤°à¤‚त मिलता है आराम और नहीं पड़ता नीला निशान, जानें सिंकाई का सही तरीका
चोट लगने पर बरà¥à¤« से सâ€à¤¿à¤•ाई करने से घाव जलà¥â€à¤¦à¥€ à¤à¤°à¤¤à¤¾ है, सूजन और दरà¥à¤¦ कम होता है। आप à¤à¥€ जानें बरà¥à¤« की सâ€à¤¿à¤•ाई करने का सही तरीकाÂ
अकà¥â€à¤¸à¤° चोट लग जाने पर सब बरà¥à¤« की सâ€à¤¿à¤•ाई करने की सलाह देते हैं पर कà¥â€à¤¯à¤¾ आपको पता है बरà¥à¤« की सâ€à¤¿à¤•ाई करने के लâ€à¤¿à¤ कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚ कहा जाता है? बरà¥à¤« की सâ€à¤¿à¤•ाई करने से सूजन कम होती है, नसों को आराम मâ€à¤¿à¤²à¤¤à¤¾ है, चोट लग जाने पर बà¥â€à¤²à¤¡ फà¥à¤²à¥‹ रà¥à¤• जाता है और उस जगह खून जम जाता है जâ€à¤¿à¤¸à¤•े कारण तà¥â€à¤µà¤šà¤¾ लाल हो जाती है। बरà¥à¤« की सâ€à¤¿à¤•ाई करने से चोट के आसपास के हâ€à¤¿à¤¸à¥â€à¤¸à¥‡ का बà¥â€à¤²à¤¡ फà¥à¤²à¥‹ अचà¥â€à¤›à¤¾ होता है। बरà¥à¤« की सâ€à¤¿à¤•ाई करने से बहता खून à¤à¥€ रà¥à¤• जाता है और मसलà¥â€à¤¸ को आराम मâ€à¤¿à¤²à¤¤à¤¾ है। बरà¥à¤« की सâ€à¤¿à¤•ाई करते समय आपको इस बात का धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ रखना चाहâ€à¤¿à¤ इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨ न हो। इस लेख में हम चोट पर बरà¥à¤« की सâ€à¤¿à¤•ाई करने का सही तरीका और उसके फायदों पर चरà¥à¤šà¤¾ करेंगे। इस वâ€à¤¿à¤·à¤¯ पर जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जानकारी के लâ€à¤¿à¤ हमने लखनऊ के केयर इंसà¥â€à¤Ÿà¤¿à¤Ÿà¥à¤¯à¥‚ट ऑफ लाइफ साइंसेज की à¤à¤®à¤¡à¥€ फâ€à¤¿à¤œà¤¿à¤¶â€à¤¿à¤¯à¤¨ डॉ सीमा यादव से बात की।
चोट लगने पर सबसे पहले कà¥â€à¤¯à¤¾ करें? (How to treat wound)
चोट लगने पर आपको सबसे पहले ये कोशâ€à¤¿à¤¶ करनी है कâ€à¤¿ घाव को साफ करें, साफ पानी से आप घाव को साफ कर सकते हैं।Â
इसके बाद उस जगह खून बह रहा है हो तो टाइट पटà¥à¤Ÿà¥€ बांधें और बांधने से पहले बरà¥à¤« से सâ€à¤¿à¤•ाई करें।Â
अगर अंदरूनी चोट है तो पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µâ€à¤¿à¤¤ हâ€à¤¿à¤¸à¥â€à¤¸à¥‡ को कà¥â€à¤²à¥€à¤¨ करके बरà¥à¤« से सâ€à¤¿à¤•ाई करें और सूजन उतारें।Â
सूजन को कम करने के उपाय में आप बरà¥à¤« का इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर रहे हैं तो 15 मâ€à¤¿à¤¨à¤Ÿ से जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ न करें, और अगले दो-दो घंटों में सâ€à¤¿à¤•ाई दोबारा करें।
ठंडी सâ€à¤¿à¤•ाई के फायदे (Benefits of cold compress)
बरà¥à¤« की सâ€à¤¿à¤•ाई के लâ€à¤¿à¤ आपको इन बातों का धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ रखना चाहâ€à¤¿à¤-Â
चोट लगने पर खून का फà¥à¤²à¥‹ उस जगह रà¥à¤• जाता है, बरà¥à¤« की सâ€à¤¿à¤•ाई करने से बà¥â€à¤²à¤¡ फà¥à¤²à¥‹ ठीक होता है।Â
सूजन को कम करने से बरà¥à¤« की सâ€à¤¿à¤•ाई फायदेमंद होती है, आप इसे अंदरूनी चोट को ठीक करने के लâ€à¤¿à¤ इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सकते हैं।Â
मोच होने पर बरà¥à¤« की सâ€à¤¿à¤•ाई कर सकते हैं, बरà¥à¤« की सâ€à¤¿à¤•ाई करने से नसों को आराम मâ€à¤¿à¤²à¤¤à¤¾ है।Â
बरà¥à¤« की सâ€à¤¿à¤•ाई करने से बहता हà¥à¤† खून रà¥à¤• जाता है।Â
बरà¥à¤« की सâ€à¤¿à¤•ाई करते समय कâ€à¤¿à¤¨ बातों का धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ रखें? (Points to remember while doing cold compress)
आपको इस बात का धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ रखना है कâ€à¤¿ बरà¥à¤« से सâ€à¤¿à¤•ाई करते समय à¤à¤• ही जगह पर बरà¥à¤« न लगाà¤à¤‚ इससे फà¥à¤°à¥‰à¤¸à¥â€à¤Ÿà¤¬à¤¾à¤‡à¤Ÿ की समसà¥â€à¤¯à¤¾ हो सकती है।Â
अगर अंदरूनी चोट के साथ सूजन है तो आप पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° को ऊपर उठाने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करें।Â
सâ€à¤¿à¤•ाई के लâ€à¤¿à¤ आप पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µâ€à¤¿à¤¤ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° को दबाà¤à¤‚ और पूरे कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° पर घà¥à¤®à¤¾à¤à¤‚।Â
अगर चोट बहà¥à¤¤ गहरी है तो सâ€à¤¿à¤•ाई करना ठीक नहीं है, इसके लâ€à¤¿à¤ आपको डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करना चाहâ€à¤¿à¤à¥¤Â
अगर लगातार सâ€à¤¿à¤•ाई करने के कारण तà¥â€à¤µà¤šà¤¾ सà¥à¤¨à¥â€à¤¨ हो गई हो तो आप सâ€à¤¿à¤•ाई को बंद कर दें।
जब à¤à¥€ आप बरà¥à¤« से सâ€à¤¿à¤•ाई करें आपको इस बात का धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ रखना है कâ€à¤¿ बरà¥à¤« को तà¥â€à¤µà¤šà¤¾ पर डायरेकà¥â€à¤Ÿ नहीं लगाà¤à¤‚, आपको बरà¥à¤« को तौलâ€à¤¿à¤ में लपेटकर या कपड़े में बांधकर चोट पर लगाना चाहâ€à¤¿à¤à¥¤
बरà¥à¤« की जगह ठंडी सâ€à¤¿à¤•ाई के अनà¥â€à¤¯ वâ€à¤¿à¤•लà¥â€à¤ª (Options for cold compress)
अगर कâ€à¤¿à¤¸à¥€ कारण से आपके घर में मौजूद फà¥à¤°â€à¥€à¤œà¤° में बरà¥à¤« मौजूद नहीं है तो आप इन चीजों के इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² से à¤à¥€ ठंडी सâ€à¤¿à¤•ाई कर सकते हैं-Â
आप फà¥à¤°â€à¤¿à¤œ में रखे ठंडे मटर से à¤à¥€ चोट की ठंडी सâ€à¤¿à¤•ाई कर सकते हैं, मटर का पैकेट हो पूरे पैकेट को चोट पर रखकर सâ€à¤¿à¤•ाई करें नहीं तो मटर को पॉलâ€à¤¿à¤¥â€à¤¿à¤¨ में à¤à¤°à¤•र उससे à¤à¥€ सâ€à¤¿à¤•ाई कर सकते हैं।
मटर की तरह कोई à¤à¥€ जमी या ठंडी सबà¥â€à¤œà¥€ हो तो उसे आप पॉलâ€à¤¿à¤¥â€à¤¿à¤¨ या कपड़े में लपेटकर सâ€à¤¿à¤•ाई करें, जैसे कॉरà¥à¤¨, à¤â€à¤¿à¤‚डी आदि।Â
बाजार में मâ€à¤¿à¤²à¤¨à¥‡ वाले आइस पैक में जेल होता है, आप उसे फà¥à¤°à¥€à¤œà¤° में जमाकर रखें और जरूरत पड़ने पर इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सकते हैं।Â
चावल से à¤à¥€ आप चोट की ठंडी सâ€à¤¿à¤•ाई कर सकते हैं। चावल को पà¥â€à¤²à¤¾à¤¸à¥â€à¤Ÿâ€à¤¿à¤• के बैग में डालकर उसे फà¥à¤°à¥€à¤œà¤° या फà¥à¤°â€à¤¿à¤œ में रखें, चावल से काफी देर तक सâ€à¤¿à¤•ाई की जा सकती है।Â
अगर आपके पास ऊपर दâ€à¤¿à¤ गठवâ€à¤¿à¤•लà¥â€à¤ª मौजूद नहीं है तो आप तौलâ€à¤¿à¤ से à¤à¥€ सâ€à¤¿à¤•ाई कर सकते हैं, तौलâ€à¤¿à¤ को आप ठंडे पानी में à¤â€à¤¿à¤—ोकर उसे चोट पर लगाà¤à¤‚ तो चोट ठीक होगी पर साफ तौलâ€à¤¿à¤ का इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें।
चोट लगी है तो इन बातों का धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ रखें (Points to remember if you have wound)
अगर हाथ में सूजन है तो आपको उस हâ€à¤¿à¤¸à¥â€à¤¸à¥‡ को सीधा रखने के बजाय ऊपर से नीचे की ओर यानी à¤à¤²â€à¤¿à¤µà¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ फॉरà¥à¤® में रखना है। इससे इंजरी जलà¥â€à¤¦à¥€ ठीक हो जाती है।Â
à¤à¤•à¥â€à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ के बाद नस खâ€à¤¿à¤‚चना या मोच आने की शâ€à¤¿à¤•ायत होने पर à¤à¥€ आप बरà¥à¤« की सâ€à¤¿à¤•ाई कर सकते हैं।Â
केवल ठंडी सâ€à¤¿à¤•ाई करना काफी नहीं है, चोट लगने पर आप पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µâ€à¤¿à¤¤ हâ€à¤¿à¤¸à¥â€à¤¸à¥‡ को जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मूव न करें और जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ से जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ आराम करें।Â
आपको बरà¥à¤« की सâ€à¤¿à¤•ाई के लâ€à¤¿à¤ केवल आइस कà¥â€à¤¯à¥‚ब ही लेने चाहिà¤, कà¥à¤› लोग कâ€à¤¿à¤¸à¥€ à¤à¥€ बरà¥à¤¤à¤¨ में आइस जमाकर उसका इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करते हैं पर इस तरह से जमी बरà¥à¤« के कोने नà¥à¤•ीले होते हैं जâ€à¤¿à¤¸à¤¸à¥‡ आपकी चोट में दरà¥à¤¦ में बढ़ सकता है इसलâ€à¤¿à¤ चिâ€à¤•ने कोनों वाली आइस कà¥â€à¤¯à¥‚ब का ही इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें।
डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° को कब दâ€à¤¿à¤–ाà¤à¤‚? (When to see doctor)
कà¤à¥€-कà¤à¥€ चोट बहà¥à¤¤ गहरी होती है जâ€à¤¿à¤¸à¤•ा पता टेसà¥â€à¤Ÿ के बâ€à¤¿à¤¨à¤¾ पता लगाना नामà¥à¤®à¤•â€à¤¿à¤¨ होता है, उसके लâ€à¤¿à¤ डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° à¤à¤•à¥â€à¤¸à¤°à¥‡ या सीटी सà¥â€à¤•ैन करवाते हैं। अगर आप चोट या घाव वाले हâ€à¤¿à¤¸à¥â€à¤¸à¥‡ को मूव नहीं कर पा रहे हैं या दरà¥à¤¦ बहà¥à¤¤ तेज है तो हो सकता है कâ€à¤¿ मसलà¥â€à¤¸ को नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चा हो या फà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥â€à¤šà¤° हो à¤à¤¸à¥‡ में आप देरी न करके तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें। अगर पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µâ€à¤¿à¤¤ हâ€à¤¿à¤¸à¥â€à¤¸à¤¾ सà¥à¤¨à¥â€à¤¨ होने के साथ-साथ दरà¥à¤¦ à¤à¥€ हो रहा है तो à¤à¥€ आपको डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° को दâ€à¤¿à¤–ाना चाहâ€à¤¿à¤à¥¤Â
अगर दरà¥à¤¦ कम नहीं होता है या खून बहना बंद नहीं होता है तो आपको तà¥à¤°à¤‚त चâ€à¤¿à¤•ितà¥â€à¤¸à¤¾ सहायता लेनी चाहâ€à¤¿à¤, गहरी चोट लगने पर à¤à¥€ केवल बरà¥à¤« की सâ€à¤¿à¤•ाई काफी नहीं है, आपको डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करना चाहâ€à¤¿à¤, गलत ठंग से सâ€à¤¿à¤•ाई करने से इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨ à¤à¥€ हो सकता है इसलâ€à¤¿à¤ आप सâ€à¤¿à¤•ाई करते समय सावधानी बरतें।Â
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